



हमारी समृद्ध विरासत और परंपरा
लखेरा समाज का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। यह समुदाय मुख्यतः हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में निवास करता है।
ऐतिहासिक रूप से लखेरा समुदाय लकड़ी का काम, बर्तन बनाना, और हस्तशिल्प के क्षेत्र में कुशल रहा है। इनकी कारीगरी और शिल्पकला की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।
मुख्यतः हरियाणा के फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, रोहतक, और गुड़गांव जिलों में लखेरा समुदाय की अच्छी जनसंख्या निवास करती है।
लखेरा समाज एक प्रगतिशील समुदाय है जो शिक्षा और सामाजिक विकास को बहुत महत्व देता है। आज इस समुदाय के लोग विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
लखेरा समाज में विभिन्न गोत्र पाए जाते हैं जैसे कि चौहान, बागड़ी आदि। प्रत्येक गोत्र की अपनी विशिष्ट पहचान और परंपराएं हैं।
आज लखेरा समुदाय के लोग शिक्षा, व्यापार, सरकारी सेवा, कृषि, और अन्य आधुनिक व्यवसायों में सक्रिय हैं। डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, और अधिकारी बनकर समाज का नाम रोशन कर रहे हैं।


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